Patra-lekhan(Letter-writing)-(पत्र-लेखन)


कर्मचारियों के आवेदन-पत्र

इसके अन्तर्गत निम्न पत्रों को सम्मिलित किया गया हैं-
(1) अनुभव प्रमाण-पत्र प्राप्त करने सम्बन्धी आवेदन-पत्र
(2) स्थानान्तरण सम्बन्धी आवेदन-पत्र
(3) त्याग पत्र सम्बन्धी आवेदन-पत्र
(4) कर्मचारी सम्बन्धी अन्य पत्र (अवकाश लेने के सम्बन्ध में, पदोन्नति के सम्बन्ध में, सम्पादक के पद हेतु, संवाददाता के पद हेतु, सेल्समैन के पद हेतु।)

(1) अनुभव प्रमाण-पत्र प्राप्त करने सम्बन्धी आवेदन-पत्र

जब आप एक कम्पनी अथवा संस्था को छोड़कर किसी दूसरी कम्पनी में नौकरी के लिए आवेदन करते हैं, तब यह नई कम्पनी आपसे पूर्व अनुभवों के प्रमाण-पत्र की माँग करती हैं। यह अनुभव प्रमाण-पत्र आपको वह कम्पनी अथवा संस्था देती हैं, जहाँ आपने पूर्व में अपनी सेवाएँ दी हैं। अनुभव प्रमाण-पत्र को प्राप्त करने के लिए कम्पनी/संस्था के किसी मुख्य कार्यकर्ता या मैनेजर को पत्र लिखा जाता हैं।

(1) आप अपने कार्यालय में प्रूफ रीडर के पद पर कार्यरत हैं, वहाँ से अनुभव प्रमाण-पत्र लेने के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।

452, सुभाष नगर,
मेरठ।

दिनांक 8 अप्रैल, 20XX

सेवा में,
श्रीमान व्यवस्थापक महोदय,
दैनिक जागरण,
मोहकमपुर,
मेरठ।

विषय- अनुभव प्रमाण-पत्र लेने हेतु आवेदन-पत्र।

महोदय,
मैं आपके प्रतिष्ठित संस्थान में प्रूफ रीडर के पद पर मार्च 20XX से कार्यरत हूँ। मैंने गत दिनों साहित्य अकादमी, दिल्ली में प्रूफ रीडर के पद हेतु आवेदन किया था। कल मेरे पास वहाँ से 'निमन्त्रण-पत्र' (कॉल लैटर) आया हैं। पत्र में मुझसे मेरी शैक्षिक योग्यताओं के प्रमाण-पत्रों की मूल प्रति एवं पिछले कार्यों का अनुभव प्रमाण-पत्र लेकर 15 अप्रैल, 20XX को साहित्य अकादमी के दफ्तर में रिपोर्ट करने को कहा गया हैं।

मैंने अपनी शैक्षिक योग्यताओं की मूल प्रति तो सँभाल कर रख ली, किन्तु मेरे पास अनुभव प्रमाण-पत्र नहीं हैं। अतः आपसे निवेदन हैं कि आप मुझे 15 अप्रैल, 20XX से पहले मेरा अनुभव प्रमाण-पत्र देकर मुझे अनुगृहीत करें।

धन्यवाद।

भवदीय
हस्ताक्षर ......
अरुण कुमार
कार्ड नं. 1244

  • प्रूफ रीडर के पद पर कार्यरत अरुण कुमार को अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कीजिए।
  • अनुभव प्रमाण-पत्र का नमूना

    ................. दिनांक 12 अप्रैल, 20XX

    दैनिक जागरण

    राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार-पत्र

    प्रमाणित किया जाता हैं कि श्री अरुण कुमार पुत्र श्री हरिलाल, पता-एच 503, जहाँगीरपुरी, दिल्ली, इस संस्था में मार्च, 20XX से प्रूफ रीडर के पद पर कार्यरत हैं।

    श्री अरुण कुमार एक परिश्रमी एवं आत्मविश्वासी युवक हैं। कार्यकाल के दौरान उनका कार्य सन्तोषजनक रहा हैं।

    हम उनके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं।

    हस्ताक्षर ......
    व्यवस्थापक

    (2) स्थानान्तरण सम्बन्धी आवेदन-पत्र

    अत्यधिक परिश्रम एवं कोशिशों के बाद नौकरी मिल तो जाती हैं, किन्तु संस्थान यदि मन-मुताबिक दूरी से ज्यादा दूर हैं, आने-जाने में परेशानी होती हैं, या फिर परिवार से दूर रहकर नौकरी करनी पड़ रही हैं, तब इस नौकरी से स्थानान्तरण की बाबत सोचा जाता हैं। नौकरी से ट्रान्सफर (स्थानान्तर) लेने के लिए जो पत्र लिखा जाता हैं, वही स्थानान्तरण सम्बन्धी आवेदन-पत्र कहलाता हैं।

    (1) शारीरिक रूप से स्वस्थ न होने की स्थिति से अवगत कराते हुए शिक्षा निर्देशक को स्थानान्तरण कराने हेतु पत्र लिखिए।

    ए-210, प्रीतमपुरा,
    कुण्डली,
    सोनीपत।

    दिनांक 26 मई, 20XX

    सेवा में,
    श्रीमान निदेशक,
    शिक्षा निदेशालय,
    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र,
    दिल्ली सरकार
    नई दिल्ली।

    विषय- स्थानान्तरण सम्बन्धी आवेदन-पत्र।

    महोदय,
    सविनय निवेदन यह हैं कि मैं रा.उ.मा. बालिका विद्यालय, करोलबाग, दिल्ली में टी.जी.टी. अंग्रेजी के पद पर कार्यरत हूँ। मैं सोनीपत, हरियाणा में रहती हूँ एवं एक पैर से विकलांग हूँ। अपने घर से करोलबाग स्थित स्कूल पहुँचने में मेरा काफी समय नष्ट हो जाता हैं। कई बार स्कूल पहुँचने में देरी भी हो जाती हैं। यह देरी कभी ट्रेन के समय पर न आने के कारण होती हैं, तो कभी भीड़ के कारण ट्रेन छूट जाने से।

    अतः मैं आपसे निवेदन करती हूँ कि मेरा स्थानान्तरणसोनीपत के पास नरेला, दिल्ली के किसी स्कूल में कर दिया जाए। मैंने वहाँ के एक स्कूल में पता किया हैं, टी.जी.टी. अंग्रेजी का पद रिक्त भी हैं। चूँकि नरेला मेरे घर से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, अतः स्कूल पहुँचने में मुझे आसानी होगी।

    आशा करती हूँ कि आप मेरी मजबूरियों को ध्यान में रखकर मेरा स्थानान्तरण कर मुझे अनुगृहीत करेंगे।

    धन्यवाद।

    भवदीया
    हस्ताक्षर ......
    रीना कुमारी
    (टी.जी.टी. अंग्रेजी)

    (3) त्याग पत्र सम्बन्धी आवेदन-पत्र

    प्रतिस्पर्धा के इस दौर में जहाँ एक नौकरी मिल पाना मुश्किल हैं, वहीं बहुत-से लोग एक नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरी के लिए कोशिश करते रहते हैं। जब यह दूसरी नौकरी मिल जाती हैं, तब इसे ग्रहण करने से पूर्व एक व्यक्ति को अपनी पहली कम्पनी अथवा संस्थान में एक त्याग-पत्र, जिसे अंग्रेजी में 'रेजिगनेशन लैटर' कहा जाता हैं, देना पड़ता हैं। इस पत्र में सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा उन बातों का उल्लेख किया जाता हैं, जिस कारण से वह नौकरी छोड़ रहा होता हैं।

    त्याग-पत्र सम्बन्धी आवेदन पत्रों के उदाहरण निम्नलिखित हैं-

    (1) महाविद्यालय में स्थायी चयन हो जाने के कारण अपने संस्थान को इस स्थिति से अवगत कराते हुए सेवा-परित्याग पत्र लिखिए।

    464, सोनीपत,
    हरियाणा।

    दिनांक 15 अप्रैल, 20XX

    सेवा में,
    श्रीमान प्रधानाचार्य,
    भगवान महावीर कॉलेज ऑफ एजुकेशन,
    सोनीपत,
    हरियाणा।

    विषय- सेवा-परित्याग सम्बन्धी पत्र।

    महोदय,
    सविनय निवेदन यह हैं कि मैं आपके संस्थान में 'तकनीकी शिक्षा' के मेहमान प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हूँ। किन्तु अब मेरा चयन 'रामजस कॉलेज ऑफ एजुकेशन', सोनीपत में स्थायी रूप से हो गया हैं। अतः अब मैं आपके कॉलेज में अपनी सेवाएँ देने में असमर्थ हूँ।

    मैं अब अपने पद से इस्तीफा देते हुए, आपको अपना त्याग-पत्र सौंप रहा हूँ। कृपया मुझे शीघ्रातिशीघ्र कार्य-भार से मुक्त करने की कृपा करें, ताकि मैं अपनी नई नौकरी का कार्यभार सँभाल सकूँ।

    आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।

    भवदीय
    हस्ताक्षर ......
    रामकुमार गुप्ता,

    (4) कर्मचारी सम्बन्धी अन्य पत्र

    (1) अपनी कम्पनी के प्रबन्ध निदेशक को पत्र लिखिए, जिसमें आपने अपनी पदोन्नति के लिए प्रार्थना की हैं।

    145, मुखर्जी नगर,
    दिल्ली।

    दिनांक 12 मार्च, 20XX

    सेवा में,
    प्रबन्ध निदेशक,
    अरिहन्त पब्लिकेशन्स (इण्डिया) लिमिटेड,
    दरियागंज,
    दिल्ली।

    विषय- पदोन्नति के सम्बन्ध में।

    महोदय,
    सादर निवेदन यह हैं कि मैं आपकी प्रतिष्ठित कम्पनी में एक वर्ष से कार्यरत् हूँ। इस एक वर्ष के कार्य के दौरान मेरे द्वारा किए गए कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आई। मैं सभी प्रोजेक्ट में समय की मांग के अनुरूप अतिरिक्त समय भी देती हूँ तथा नियमानुसार व प्रतिबद्धता के साथ समय पर कार्य पूर्ण करती हूँ। कम्पनी को मेरे व्यवहार से कभी कोई शिकायत नहीं हुई। मैं अपने कार्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हूँ तथा आगे भी इसी समर्पण के साथ कम्पनी के सभी नियमों का पालन करूँगी एवं अपने कार्य को और अधिक निष्ठापूर्वक करने का प्रयास करूँगी।

    अतः आपसे प्रार्थना हैं कि मेरा मनोबल बढ़ाने के लिए मुझे उचित पदोन्नति प्रदान की जाए जिससे मैं अपना कार्य और अधिक लगन व निष्ठा के साथ कर सकूँ।

    धन्यवाद।

    भवदीया
    ऋतिका

    नौकरी प्राप्त करने सम्बन्धी आवेदन-पत्र

    आज प्रत्येक व्यक्ति एक प्रतिष्ठित नौकरी चाहता हैं। नौकरी प्राप्त करने के लिए उसे कई परीक्षाओं व साक्षात्कार का सामना करना पड़ता हैं। विभिन्न अख़बारों, इन्टरनेट आदि पर दी जाने वाली सूचनाओं अथवा विज्ञापन के माध्यम से नौकरी प्राप्त करने के लिए उस कार्यालय अथवा विभाग के नाम व्यक्ति आवेदन-पत्र भेजता हैं, जिसके अन्तर्गत सम्बन्धित व्यक्ति के जीवन का ब्यौरा; जैसे- नाम, पता, जन्म-तिथि, प्राप्त की गई शिक्षा का विवरण अर्थात् शैक्षिक योग्यता, कार्यानुभव आदि तमाम जानकारियों को आवेदन-पत्र में वर्णित किया जाता हैं।

    साथ ही अपने समस्त प्रमाण-पत्र व कार्यानुभव आदि की एक प्रति आवेदन-पत्र के साथ संलनित की जाती हैं। विभिन्न सरकारी नौकरियों; जैसे- कर्मचारी चयन आयोग, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड आदि में आवेदन-पत्र का प्रारूप पूर्व-निर्धारित होता हैं; जिसमें व्यक्ति को आवेदन-पत्र में पूछी गई सभी जानकारियों को भरना होता हैं।

    नौकरी प्राप्त करने के दौरान लिखे जाने वाले आवेदन-पत्र के कुछ उदाहरण दिए गए हैं।

    (1) दैनिक हिन्दुस्तान में संवाददाता के पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।

    53, निरंकारी कालोनी,
    दिल्ली।

    दिनांक 21 अप्रैल, 20XX

    सेवा में,
    श्रीमान सम्पादक,
    दैनिक हिन्दुस्तान,
    के.जी. मार्ग,
    नई दिल्ली।

    विषय- संवाददाता के पद हेतु आवेदन-पत्र।

    महोदय,
    दिनांक 20 अप्रैल, 20XX को प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान के अंक में आपके द्वारा संवाददाता के पद हेतु विज्ञापन दिया गया था। मैं इस पद के लिए आवेदन कर रहा हूँ। मेरी शैक्षणिक योग्यताओं तथा कार्यानुभवों का विवरण इस प्रकार हैं-

    शैक्षणिक योग्यताएँ-
    (1) बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से वर्ष 20XX में हिन्दी साहित्य में स्नातक की उपाधि।

    (2) जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली से वर्ष 20XX में पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा।

    अन्य विवरण-
    अपने विद्यार्थी जीवन में मैंने सांस्कृतिक-साहित्यिक गतिविधियों व खेल-कूद में सक्रिय भाग लिया हैं। मैंने संस्कृति, कला व सामाजिक विषयों पर अनेक लेख भी लिखे हैं। विभिन्न समाचार-पत्रों व पत्रिकाओं में मेरे ये लेख छपे हैं, जिनमें से कुछ की फोटो प्रतियाँ आवेदन-पत्र के साथ संलग्न हैं।

    मैं आपके प्रतिष्ठित व लोकप्रिय समाचार-पत्र में कार्य करना चाहता हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास हैं कि अवसर मिलने पर मैं परिश्रम, लगन और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए समाचार-पत्र को और जनोपयोगी बनाने में योगदान दे सकूँगा।

    धन्यवाद।

    भवदीय
    हस्ताक्षर......
    मणिशंकर ओझा

    (2) शहनाज हर्बल कॉस्मैटिक्स प्रा. लि., में सेल्समैन के पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।

    205, सुभाष बाजार,
    कोलकाता।

    दिनांक 31 जून,

    सेवा में,
    श्रीमान प्रबन्धक,
    शहनाज हर्बल कॉस्मैटिक्स प्रा. लि.,
    वॉल स्ट्रीट,
    कोलकाता।

    विषय- सेल्समैन के पद के लिए आवेदन-पत्र।

    महोदय,
    मुझे दिनांक 30 जून, 20XX के अंग्रेजी दैनिक 'टाइम्स ऑफ इण्डिया' में प्रकाशित विज्ञापन द्वारा ज्ञात हुआ कि आपकी फर्म में सेल्समैन के कई पद रिक्त हैं। मैं इस पद के लिए आवेदन करना चाहता हूँ। मेरी शैक्षिक योग्यताओं एवं कार्यानुभवों का विवरण इस प्रकार हैं-
    (1) बी.एस-सी (बायोलॉजी)।
    (2) सेल्स एवं मार्केटिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा।
    (3) 'केयर योरसेल्फ' फर्म में कॉस्मैटिक उत्पादों की बिक्री का डेढ़ वर्ष का अनुभव।
    मेरे हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर मजबूत पकड़ हैं। अपने ग्राहक के साथ किस तरह पेश आना हैं, यह मैं बाखूबी जानता हूँ। मुझे विश्वास हैं कि आप मुझे सेवा का एक अवसर अवश्य देंगे।

    धन्यवाद।

    भवदीय
    हस्ताक्षर......
    मुकेश कुमार

    जनसाधारण सम्बन्धी आवेदन-पत्र

    इसके अन्तर्गत निम्न पत्रों को सम्मिलित किया गया हैं-

    (1) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ. आई. आर.) सम्बन्धी आवेदन-पत्र
    (2) सूचना का अधिकार (आर. टी. आई.) सम्बन्धी आवेदन-पत्र
    (3) टेलीफोन/मोबाइल फोन कनेक्शन एवं टेलीफ़ोन सही कराने सम्बन्धी आवेदन-पत्र
    (4) जनसाधारण सम्बन्धी अन्य पत्र (मोहल्ले में सफाई के लिए, पेयजल की आपूर्ति के लिए, इलाके में डाक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए, ग्रहकर बिल ठीक करने हेतु, आयकर से पूर्ण मुक्ति हेतु, मुख्यमन्त्री से तात्कालिक सहायता हेतु आदि)

    (1) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ. आई. आर.) सम्बन्धी आवेदन-पत्र

    प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ. आई. आर.) की जरूरत तब पड़ती हैं, जब मामला 'पुलिस केस' से सम्बन्धित हो। दीवानी एवं फौजदारी एवं अन्य आपराधिक मामलों में पुलिस स्टेशन में जो रिपोर्ट लिखवाई जाती हैं, वह एफ. आई. आर. की ही श्रेणी में आती हैं।

    हालाँकि पुलिस थाने में एफ. आई. आर दर्ज करवाना आसान नहीं होता। कई बार पुलिस निर्धारित प्रारूप में एफ. आई. आर. दर्ज करने की बजाय एक अतिरिक्त कागज पर पीड़ित की समस्याएँ लिखकर अथवा लिखवाकर उसकी प्रति पर थाने की मोहर लगाकर, फरियादी को दे देती हैं।

    इस तरह के अधिकांश उदाहरण मोबाइल, कैमरा, बैग अथवा पर्स चोरी के मामलों में पेश आते हैं। यदि, कुछ छोटी वारदातों को छोड़ दें, तो अधिकांश घटनाओं में पुलिस एफ. आई. आर. दर्ज कर त्वरित कार्यवाही करती हैं। क्योंकि एफ. आई. आर. दर्ज होने के बाद यह बताना पुलिस की क़ानूनी जवाबदेही बन जाती हैं कि सम्बन्धित मामले में क्या प्रगति हुई अथवा हो रही हैं।

    एफ. आई. आर. दर्ज करवाने के लिए यह जानना जरूरी होता हैं कि मामला अथवा घटना किस थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आता हैं।

    एफ. आई. आर. दर्ज करवाने सम्बन्धी आवेदन-पत्रों के उदाहरण आगे दिए गए हैं-

    बस स्टैण्ड के पास आवारा लड़कों के व्यवहार को बताते हुए तथा उनके खिलाफ छेड़खानी के विरुद्ध एफ. आई. आर. दर्ज करवाने के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।

    108, भवानी जंक्शन,
    कोलकाता।

    दिनांक 28 जून, 20XX

    सेवा में,
    श्रीमान थानाध्यक्ष महोदय,
    भवानी जंक्शन,
    कोलकाता।

    विषय- छेड़खानी के विरुद्ध एफ. आई. आर. दर्ज करवाने के सम्बन्ध में।

    महोदय,
    सविनय निवेदन यह हैं कि मैं भवानी जंक्शन में रहने वाली एक कॉंलेज छात्रा हूँ। जब भी मैं घर से कॉलेज के लिए निकलती हूँ, अक्सर बस स्टैण्ड के पास कुछ आवारा किस्म के लड़के मुझ पर कमेंट करते हैं। एक-दो बार मैंने उन्हें ऐसा न करने को कहा, किन्तु उन पर कोई असर नहीं हुआ।

    मैंने इस बारे में अपने माता-पिता से बात की, तो उन्होंने इसकी लिखित शिकायत थाने में करने की सलाह दी। मैं आपसे निवेदन करती हूँ कि आप उन लड़कों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाकर, मुझे हो रही मानसिक समस्या से निजात दिलाएँ।

    आशा हैं, आप मेरी समस्या पर त्वरित कार्यवाही करेंगे।
    धन्यवाद।

    प्रार्थी
    हस्ताक्षर......
    निशा