Paryayvachi Shabd (Synonyms Words)(पर्यायवाची शब्द)


( ल )

लक्ष्मी- चंचला, कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इंदिरा, पद्ममा, सिन्धुसुता, कमलासना।
लड़का- बालक, शिशु, सुत, किशोर, कुमार।
लड़की- बालिका, कुमारी, सुता, किशोरी, बाला, कन्या।
लक्ष्मण- लखन, शेषावतार, सौमित्र, रामानुज, शेष।
लौह- अयस, लोहा, सार।
लता- बल्लरी, बल्ली, बेली।

( व )

वृक्ष- तरू, अगम, पेड़, पादप, विटप, गाछ, दरख्त, शाखी, विटप, द्रुम।
विवाह- शादी, गठबंधन, परिणय, व्याह, पाणिग्रहण।
वायु- हवा, पवन, समीर, अनिल, वात, मारुत।
वसन- अम्बर, वस्त्र, परिधान, पट, चीर।
विधवा- अनाथा, पतिहीना, राँड़।
विष- ज़हर, हलाहल, गरल, कालकूट।
विष्णु- नारायण, दामोदर, पीताम्बर, माधव, केशव, गोविन्द, चतुर्भज, उपेन्द्र, जनार्दन, चक्रपाणि, विश्वम्भर, लक्ष्मीपति, मधुरिपु।
विश्व- जगत, जग, भव, संसार, लोक, दुनिया।
विद्युत- चपला, चंचला, दामिनी, सौदामिनी, तड़ित, बीजुरी, घनवल्ली, क्षणप्रभा, करका।
वारिश- वर्षण, वृष्टि, वर्षा, पावस, बरसात।
वीर्य- जीवन, सार, तेज, शुक्र, बीज।
वज्र- कुलिस, पवि, अशनि, दभोलि।
विशाल- विराट, दीर्घ, वृहत, बड़ा, महा, महान।
वर्षा- पावस, बरसात, वर्षाकाल, चौमासा, वर्षाऋतु।
वसन्त- मधुमास, माधव, कुसुमाकर, ऋतुराज।
वन- कानन, विपिन, अरण्य, कांतार

( श, ष)

शेर-हरि, मृगराज, व्याघ्र, मृगेन्द्र, केहरि, केशरी, वनराज, सिंह, शार्दूल, हरि, मृगराज।
शिव- भोलेनाथ, शम्भू, त्रिलोचन, महादेव, नीलकंठ, शंकर।
शरीर- देह, तनु, काया, कलेवर, वपु, गात्र, अंग, गात।
शत्रु- रिपु, दुश्मन, अमित्र, वैरी, प्रतिपक्षी, अरि, विपक्षी, अराति।
शिक्षक- गुरु, अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय।
शेषनाग- अहि, नाग, भुजंग, व्याल, उरग, पन्नग, फणीश, सारंग।
शुभ्र- गौर, श्वेत, अमल, वलक्ष, धवल, शुक्ल, अवदात।
शहद- पुष्परस, मधु, आसव, रस, मकरन्द।
सरस्वती- गिरा, शारदा, भारती, वीणापाणि, विमला, वागीश, वागेश्वरी।
सेना- ऊनी, कटक, दल, चमू, अनीक, अनीकिनी।
साधु- सज्जन, भद्र, सभ्य, शिष्ट, कुलीन।
सलिल- अम्बु, जल नीर, तोय, सलिल, पानी, वारि।
सगर्भ- बंधु, भाई, सजात, सहोदर, भ्राता, सोदर।
सगर्भा- भगिनी, सजाता, सहोदर, बहिन, सोदरा।
षंड- हीजड़ा, नपुंसक, नामर्द।
षडानन- षटमुख, कार्तिकेय, षाण्मातुर।

( स )

समुद्र- सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, नीरनिधि, अर्णव, पयोनिधि, अब्धि, वारीश, जलधाम, नीरधि, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि।
समूह- दल, झुंड, समुदाय, टोली, जत्था, मण्डली, वृंद, गण, पुंज, संघ, समुच्चय।
सरस्वती- गिरा, भाषा, भारती, शारदा, ब्राह्यी, वाक्, जातरूप, हाटक, वीणापाणि, विमला, वागीश, वागेश्वरी।
सुमन- कुसुम, मंजरी, प्रसून, पुष्प, फूल ।
सीता- वैदेही, जानकी, भूमिजा, जनकतनया, जनकनन्दिनी, रामप्रिया।
सर्प- साँप, अहि, भुजंग, ब्याल, फणी, पत्रग, नाग, विषधर, उरग, पवनासन।
सोना- स्वर्ण, कंचन, कनक, सुवर्ण, हाटक, हिरण्य, जातरूप, हेम, कुंदन।
सूर्य- रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, मरीची, दिनेश, भास्कर, दिनकर, दिवाकर, भानु, अर्क, तरणि, पतंग, आदित्य, सविता, हंस, अंशुमाली, मार्तण्ड।
संसार- जग, विश्व, जगत, लोक, दुनिया।
सिंह- केसरी, शेर, महावीर, व्याघ्र, पंचमुख, मृगेन्द्र, केहरी, केशी, ललित, हरि, मृगपति, वनराज, शार्दूल, नाहर, सारंग, मृगराज।
सम- सर्व, समस्त, सम्पूर्ण, पूर्ण, समग्र, अखिल, निखिल।
समीप- सन्निकट, आसन्न, निकट, पास।
सभा- अधिवेशन, संगीति, परिषद, बैठक, महासभा।
सुन्दर- कलित, ललाम, मंजुल, रुचिर, चारु, रम्य, मनोहर, सुहावना, चित्ताकर्षक, रमणीक, कमनीय, उत्कृष्ट, उत्तम, सुरम्य।
सन्ध्या- सायंकाल, शाम, साँझ, प्रदोषकाल, गोधूलि।
स्त्री- सुन्दरी, कान्ता, कलत्र, वनिता, नारी, महिला, अबला, ललना, औरत, कामिनी, रमणी।
सुगंधि- सौरभ, सुरभि, महक, खुशबू।
स्वर्ग- सुरलोक, देवलोक, दिव्यधाम, ब्रह्मधाम, द्यौ, परमधाम, त्रिदिव, दयुलोक।
स्वर्ण- सुवर्ण, कंचन, हेन, हारक, जातरूप, सोना, तामरस, हिरण्य।
सहेली- अलि, भटू, संगिनी, सहचारिणी, आली, सखी, सहचरी, सजनी, सैरन्ध्री।
संसार- लोक, जग, जहान, भूमण्डल, दुनियाँ, भव, जगत, विश्व।

( ह )

हस्त- हाथ, कर, पाणि, बाहु, भुजा।
हिमालय- हिमगिरी, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, नगपति, हिमपति, नगराज, हिमाद्रि, नगेश।
हिरण- सुरभी, कुरग, मृग, सारंग, हिरन।
होंठ- अक्षर, ओष्ठ, ओंठ।
हनुमान- पवनसुत, पवनकुमार, महावीर, रामदूत, मारुततनय, अंजनीपुत्र, आंजनेय, कपीश्वर, केशरीनंदन, बजरंगबली, मारुति।
हिमांशु- हिमकर, निशाकर, क्षपानाथ, चन्द्रमा, चन्द्र, निशिपति।
हंस- कलकंठ, मराल, सिपपक्ष, मानसौक।
हृदय- छाती, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, उर।
हाथ- हस्त, कर, पाणि।
हाथी- नाग, हस्ती, राज, कुंजर, कूम्भा, मतंग, वारण, गज, द्विप, करी, मदकल।