Paryayvachi Shabd (Synonyms Words)(पर्यायवाची शब्द)


( घ )

घट- घड़ा, कलश, कुम्भ, निप।
घर- आलय, आवास, गेह, गृह, निकेतन, निलय, निवास, भवन, वास, वास-स्थान, शाला, सदन।
घृत- घी, अमृत, नवनीत।
घास- तृण, दूर्वा, दूब, कुश, शाद।

( च )

चन्द्र- चाँद, सुधांशु, सुधाधर, राकेश, सारंग, निशाकर, निशापति, रजनीपति, मृगांक, कलानिधि, हिमांशु, इंदु, सुधाकर, विधु, शशि, चंद्रमा, तारापति।
चंद्रमा- चाँद, हिमांशु, इंदु, सुधांशु, विधु, तारापति, चन्द्र, शशि, कलाधर, निशाकर, मृगांक, राकापति, हिमकर, राकेश, रजनीश, निशानाथ, सोम, मयंक, सारंग, सुधाकर, कलानिधि।
चरण- पद, पग, पाँव, पैर, पाद।
चतुर- विज्ञ, निपुण, नागर, पटु, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य।
चोर- तस्कर, दस्यु, रजनीचर, मोषक, कुम्भिल, खनक, साहसिक।
चाँदनी- चन्द्रिका, कौमुदी, ज्योत्स्ना, चन्द्रमरीचि, उजियारी, चन्द्रप्रभा, जुन्हाई।
चाँदी- रजत, सौध, रूपा, रूपक, रौप्य, चन्द्रहास।
चन्द्रिका- चाँदनी, ज्योत्स्ना, कौमुदी।
चोटी- मूर्धा, शीश, सानु, शृंग।

( छ )

छतरी- छत्र, छाता, छत्ता।
छली- छलिया, कपटी, धोखेबाज।
छवि- शोभा, सौंदर्य, कान्ति, प्रभा।
छानबीन- जाँच, पूछताछ, खोज, अन्वेषण, शोध, गवेषण।
छैला- सजीला, बाँका, शौकीन।
छोर- नोक, कोर, किनारा, सिरा।

( ज, झ )

जल- मेघपुष्प, अमृत, सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, उदक, पानी, जीवन, पय, पेय।
जहर- गरल, कालकूट, माहुर, विष ।
जगत- संसार, विश्व, जग, जगती, भव, दुनिया, लोक, भुवन।
जीभ- रसना, रसज्ञा, जिह्वा, रसिका, वाणी, वाचा, जबान।
जंगल- विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप।
जेवर- गहना, अलंकार, भूषण, आभरण, मंडल।
ज्योति- आभा, छवि, द्युति, दीप्ति, प्रभा, भा, रुचि, रोचि।
जहाज- पोत, जलयान।
जानकी- सीता, वैदही, जनकसुता, जनकतनया, जनकात्मजा।
झरना- उत्स, स्रोत, प्रपात, निर्झर, प्रस्त्रवण।
झण्डा- ध्वजा, पताका, केतु।
झूठ- असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत।

( ट, ठ, ड, ढ )

टक्कर- मुठभेड़, लड़ाई, मुकाबला।
टहलुआ- नौकर, सेवक, खिदमतगार।
टाँग- पाँव, पैर, टंक।
टीका- तिलक, चिह्न, दाग, धब्बा।
टोना- टोटका, जादू, यंत्रमंत्र, लटका।
ठंड- ठंड, शीत, सर्दी।
ठग- छली, धूर्त, धोखेबाज।
ठाँव- स्थान, जगह, ठिकाना।
ठिंगना- बौना, वामन, नाटा।
ठीक- उपयुक्त, उचित, मुनासिब।
ठेठ- निपट, निरा, बिल्कुल।
डंडा- सोंटा, छड़ी, लाठी।
डाली- भेंट, उपहार।
ढब- ढंग, रीति, तरीका, ढर्रा।
ढाँचा- पंजर, ठठरी।
ढील- शिथिलता, सुस्ती, अतत्परता।
ढूँढ- खोज, तलाश।
ढोर- चौपाया, मवेशी।

(त )

तालाब- सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, ह्रद, पद्याकर , पोखरा, जलवान, सरसी, तड़ाग।
तोता- सुग्गा, शुक, सुआ, कीर, रक्ततुण्ड, दाड़िमप्रिय।
तरुवर- वृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, विटप, रूंख, पादप।
तलवार- असि, कृपाण, करवाल, खड्ग, शमशीर चन्द्रहास।
तरकस- तूण, तूणीर, त्रोण, निषंग, इषुधी।
तामरस- कमल, पंकज, सरसिज, नीरज, पुण्डरीक, इन्दीवर।
तिमिर- तम, अंधकार, अंधेरा, तमिस्त्रा।
तीर- शर, बाण, विशिख, शिलीमुख, अनी, सायक।

( थ )

थोड़ा- अल्प, न्यून, जरा, कम।
थाती- जमापूँजी, धरोहर, अमानत।
थाक- ढेर, समूह।
थप्पड़- तमाचा, झापड़।
थंभ- खंभ, खंभा, स्तम्भ।

( द )

दूध- दुग्ध, दोहज, पीयूष, क्षीर, पय, गौरस, स्तन्य।
दास- नौकर, चाकर, सेवक, परिचारक, अनुचर, भृत्य, किंकर।
दुःख- पीड़ा, कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, संकट, क्लेश, यातना, यन्तणा, शोक, खेद, पीर,।
देवता- सुर, देव, अमर, वसु, आदित्य, निर्जर, त्रिदश, गीर्वाण, अदितिनंदन, अमर्त्य, अस्वप्न, आदितेय, दैवत, लेख, अजर, विबुध।
द्रव्य- धन, वित्त, सम्पदा, विभूति, दौलत, सम्पत्ति।
दैत्य- असुर, इंद्रारि, दनुज, दानव, दितिसुत, दैतेय, राक्षस।
दधि- दही, गोरस, मट्ठा, तक्र।
दरिद्र- निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन।
दिन- दिवस, याम, दिवा, वार, प्रमान, वासर, अह्न।
दीन- ग़रीब, दरिद्र, रंक, अकिंचन, निर्धन, कंगाल।
दीपक- दीप, दीया, प्रदीप।
दुष्ट- पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर।
दाँत- दशन, रदन, रद, द्विज, दन्त, मुखखुर।
दर्पण- शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।
दुर्गा- चंडिका, भवानी, कुमारी, कल्याणी, सिंहवाहिनी, कामाक्षी, सुभद्रा, महागौरी, कालिका, शिवा, चण्डी, चामुण्डा।
दया- अनुकंपा, अनुग्रह, करुणा, कृपा, प्रसाद, संवेदना, सहानुभूति, सांत्वना।
देव-अमर, देवता, सुर, निर्जर, वृन्दारक, आदित्य।
देह- काया, तन, शरीर, वपु, गात।

( ध )

धन- दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त।
धरती- धरा, धरती, वसुधा, ज़मीन, पृथ्वी, भू, भूमि, धरणी, वसुंधरा, अचला, मही, रत्नवती, रत्नगर्भा।
धनुष- चाप्, शरासन, कमान, कोदंड, पिनाक, सारंग, धनु।

( न )

नदी- तनूजा, सरित, शौवालिनी, स्रोतस्विनी, आपगा, निम्रगा, कूलंकषा, तटिनी, सरि, सारंग, जयमाला, तरंगिणी, दरिया, निर्झरिणी।
नौका- नाव, तरिणी, जलयान, जलपात्र, तरी, बेड़ा, डोंगी, तरी, पतंग।
नाग- विषधर, भुजंग, अहि, उरग, काकोदर, फणीश, सारंग, व्याल, सर्प, साँप।
नर्क- यमलोक, यमपुर, नरक, यमालय।
नर- जन, मानव, मनुष्य, पुरुष, मर्त्य, मनुज।
निंदा- दोषारोपण, फटकार, बुराई, भर्त्सना।
नेत्र- चक्षु, लोचन, नयन, अक्षि, चख, आँख।
नया- नूतन, नव, नवीन, नव्य।