Paryayvachi Shabd (Synonyms Words)(पर्यायवाची शब्द)


( ख )

खाना- भोज्य सामग्री, खाद्यय वस्तु, आहार, भोजन।
खग- पक्षी, द्विज, विहग, नभचर, अण्डज, शकुनि, पखेरू।
खंभा- स्तूप, स्तम्भ, खंभ।
खंड- अंश, भाग, हिस्सा, टुकड़ा।
खटमल- मत्कुण, खटकीट, खटकीड़ा।
खद्योत- जुगनू, सोनकिरवा, पटबिजना, भगजोगिनी।
खर- गधा, गर्दभ, खोता, रासभ, वैशाखनंदन।
खरगोश- शशक, शशा, खरहा।
खल- दुष्ट, बदमाश, दुर्जन, गुंडा।
खलक- दुनिया, जगत, जग, विश्व, जहान।
खादिम- नौकर, चाकर, भृत्य, अनुचर।
खाविंद- पति, मियाँ, भर्तार, बालम, साजन, सैयाँ।
खिल्ली- मखौल, ठिठोली, उपहास।
खुदगर्ज- स्वार्थी, मतलबी, स्वार्थपरायण।
खुदा- राम, रहीम, रहमान, अल्लाह, परवरदिगार।
खौफ- डर, भय, दहशत, भीति।
खून- रक्त, लहू, शोणित, रुधिर।

( ग )

गणेश- विनायक, गजानन, गौरीनंदन, मूषकवाहन, गजवदन, विघ्रनाशक, भवानीनन्दन, विघ्रराज, मोदकप्रिय, मोददाता, गणपति, गणनायक, शंकरसुवन, लम्बोदर, महाकाय, एकदन्त।
गंगा- देवनदी, मंदाकिनी, भगीरथी, विश्नुपगा, देवपगा, ध्रुवनंदा, सुरसरिता, देवनदी, जाह्नवी, सुरसरि, अमरतरंगिनी, विष्णुपदी, नदीश्वरी, त्रिपथगा।
गज- हाथी, हस्ती, मतंग, कूम्भा, मदकल ।
गाय- गौ, धेनु, सुरभि, भद्रा, दोग्धी, रोहिणी।
गृह- घर, सदन, गेह, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आगार, आयतन, आलय, आवास, निलय, मंदिर।
गर्मी- ताप, ग्रीष्म, ऊष्मा, गरमी, निदाघ।
गुरु- शिक्षक, आचार्य, उपाध्याय।
गणेश- विनायक, गणपति, लंबोदर, गजानन्।
गंगा- भगीरथी, मंदाकिनी,सुरसरिता, देवनदी, जाहनवी।
गरुड़- खगेश, पत्रगारि, उरगारि, हरियान, वातनेय, खगपति, सुपर्ण, विषमुख।
गँवार- अशिष्ट, असभ्य, उजड्ड।
गऊ- गैया, गाय, धेनु।
गगन- आसमान, आकाश, नभ, व्योम, अंतरिक्ष।
गज- हाथी, गय, गयंद, गजेंद्र, मतंग, मराल, फील।
गजानन- गणेश, एकदंत, विनायक, विनायक, विघ्नेश, लंबोदर।
गन्ना- ईख, इक्षु, उक्षु, ऊख।
गरदन- गला, कंठ, ग्रीवा, गलई।
गल्ला- अन्न, अनाज, फसल, खाद्यान्न।
गाँव- ग्राम, देहात, खेड़ा, पुरवा, टोला।
गाथा- कथा, कहानी, किस्सा, दास्तान।
गाना- गान, गीत, नगमा, तराना।
गाफिल- बेखबर, बेपरवाह, असावधान।
गिरि- पहाड़, मेरु, शैल, महीधर, धराधर, भूधर।
गिरिराज- हिमालय, पर्वतराज, पर्वतेश्वर, शैलेंद्र, गिरीश, गिरींद्र।
गीदड़- श्रृंगाल, सियार, जंबुक।
गुनाह- अपराध, कसूर, खता, दोष।
गुलामी- दासता, परतंत्रता, परवशता।
गेहूँ- कनक, गोधूम, गंदुम।
गोद- अंक, क्रोड़, गोदी।
गोधूलि- साँझ, संध्या, शाम, सायंकाल।
ग्रामीण- ग्राम्य, ग्रामवासी, देहाती।
ग्राह- मगरमच्छ, घड़ियाल, मगर, झषराज।
गदहा- खर, गर्दभ, धूसर, रासभ, बेशर, चक्रीवान, वैशाखनन्दन।

( घ )

घट- घड़ा, कलश, कुम्भ, निप।
घर- आलय, आवास, गेह, गृह, निकेतन, निलय, निवास, भवन, वास, वास-स्थान, शाला, सदन।
घृत- घी, अमृत, नवनीत।
घटना- हादसा, वारदात, वाक्या।
घन- मेघ, बादल, घटा, अंबुद, अंबुधर।
घपला- गड़बड़ी, गोलमाल, घोटाला।
घमंड- दंभ, दर्प, गर्व, गरूर, गुमान, अभिमान, अहंकार।
घुड़सवार- अश्वारोही, तुरंगी, तुरंगारूढ़।
घुमक्कड़- भ्रमणशील, पर्यटक, यायावर।
घूँस- घूस, रिश्वत, उत्कोच।
घोड़ा- तुरंग, हय, घोट, घोटक, अश्व।
घास- तृण, दूर्वा, दूब, कुश, शाद।

( च )

चन्द्र- चाँद, सुधांशु, सुधाधर, राकेश, सारंग, निशाकर, निशापति, रजनीपति, मृगांक, कलानिधि, हिमांशु, इंदु, सुधाकर, विधु, शशि, चंद्रमा, तारापति।
चंद्रमा- चाँद, हिमांशु, इंदु, सुधांशु, विधु, तारापति, चन्द्र, शशि, कलाधर, निशाकर, मृगांक, राकापति, हिमकर, राकेश, रजनीश, निशानाथ, सोम, मयंक, सारंग, सुधाकर, कलानिधि।
चरण- पद, पग, पाँव, पैर, पाद।
चतुर- विज्ञ, निपुण, नागर, पटु, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य।
चोर- तस्कर, दस्यु, रजनीचर, मोषक, कुम्भिल, खनक, साहसिक।
चाँदनी- चन्द्रिका, कौमुदी, ज्योत्स्ना, चन्द्रमरीचि, उजियारी, चन्द्रप्रभा, जुन्हाई।
चाँदी- रजत, सौध, रूपा, रूपक, रौप्य, चन्द्रहास।
चन्द्रिका- चाँदनी, ज्योत्स्ना, कौमुदी।
चंट- चालाक, घाघ, काइयाँ।
चंडी- दुर्गा, अंबा, काली, कालिका, जगदंबिका, भगवती।
चंदन- गंधराज, गंधसार, मलयज।
चंद्रशेखर- महादेव, शिव, शंभु, शंकर, महेश्वर, नीलकंठ, आशुतोष।
चक्षु- नैन, आँख, दीदा, लोचन, नेत्र, नयन।
चतुरानन- विधाता, ब्रह्मा, सृष्टा, सृष्टिकर्ता।
चना- चणक, रहिला, छोला।
चर्मकार- मोची, चमार, पादुकाकार।
चारबाग- बाग, बगीचा, उपवन, उद्यान।
चारु- कमनीय, मनोहर, आकर्षक, खूबसूरत।
चावल- तंदुल, धान, भात।
चिट्ठी- पत्र, पाती, खत।
चिराग- दीया, दीपक, दीप, शमा।
चूहा- मूसा, मूषक, मुसटा, उंदुर।
चेरी- दासी, सेविका, बाँदी, नौकरानी, अनुचरी।
चेला- शागिर्द, शिष्य, विद्यार्थी।
चेहरा- शक्ल, आनन, मुख, मुखड़ा।
चोरी- स्तेय, चौर्य, मोष, प्रमोष।
चौकन्ना- सचेत, सजग, सावधान, जागरूक, चौकस।
चौकीदार- प्रहरी, पहरेदार, रखवाला।
चौमासा- वर्षाकाल, वर्षाऋतु, बरसात।
चोटी- मूर्धा, शीश, सानु, शृंग।

( छ )

छतरी- छत्र, छाता, छत्ता।
छली- छलिया, कपटी, धोखेबाज।
छवि- शोभा, सौंदर्य, कान्ति, प्रभा।
छानबीन- जाँच, पूछताछ, खोज, अन्वेषण, शोध, गवेषण।
छैला- सजीला, बाँका, शौकीन।
छँटनी- कटौती, छँटाई, काट-छाँट।
छटा- शोभा, छवि, सुंदरता, खूबसूरती।
छल- दगा, ठगी, फरेब, छलावा।
छाछ- मही, मठा, मठ्ठा, लस्सी, छाछी।
छाती- सीना, वक्ष, उर, वक्षस्थल।
छींटाकशी- ताना, व्यंग्य, फब्ती, कटाक्ष।
छुटकारा- मुक्ति, रिहाई, निजात।
छेरी- बकरी, छागी, अजा।
छोर- नोक, कोर, किनारा, सिरा।

( ज )

जल- मेघपुष्प, अमृत, सलिल, वारि, नीर, तोय, अम्बु, उदक, पानी, जीवन, पय, पेय।
जहर- गरल, कालकूट, माहुर, विष ।
जगत- संसार, विश्व, जग, जगती, भव, दुनिया, लोक, भुवन।
जीभ- रसना, रसज्ञा, जिह्वा, रसिका, वाणी, वाचा, जबान।
जंगल- विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कांतार, बीहड़, विटप।
जेवर- गहना, अलंकार, भूषण, आभरण, मंडल।
ज्योति- आभा, छवि, द्युति, दीप्ति, प्रभा, भा, रुचि, रोचि।
जहाज- पोत, जलयान।
जानकी- सीता, वैदही, जनकसुता, मिथिलेशकुमारी, जनकतनया, जनकात्मजा।
जंग- लड़ाई, संग्राम, समर, युद्ध।
जईफी- वृद्धावस्था, बुढ़ापा, बुजुर्गी।
जत्था- गुट, दल, समूह, टोली, गिरोह।
जनक- तात, बाप, पिता, बप्पा, बापू, वालिद।
जननी- माँ, माता, मम्मी, अम्मा, वालिदा।
जन्नत- स्वर्ग, सुरधाम, बैकुंठ, सुरलोक, हरिधाम।
जन्मांध- सूरदास, अंधा, आँधरा, नेत्रहीन।
जबह- वध, हत्या, कत्ल, खून।
जम्हूरियत- प्रजातंत्र, लोकतंत्र, लोकशाही, जनताशासन।
जमाई- दामाद, जामाता, जँवाई।
जमीन- धरती, भू, भूमि, पृथ्वी, धरा, वसुंधरा।
जय- जीत, फतह, विजय।
जरठ- वृद्ध, बुड्ढा, बूढ़ा।
जलाशय- तालाब, तलैया, ताल, पोखर, सरोवर।
जवान- तरुण, युवक, नौजवान, नौजवाँ, युवा।
जवानी- युवावस्था, यौवन, तारुण्य, तरुणाई।
जहन्नुम- नरक, दोजख, यमपुरी, यमलोक।
जहाज- पोत, बेड़ा, जलयान, जलपोत।
जहीन- बुद्धिमानी, अक्लमंद, मेधावी, मेधावान, तीक्ष्ण बुद्धि।
जाँघ- उरु, जानु, जघन, जंघा, रान।
जाई- बेटी, कन्या, पुत्री, लड़की।
जासूस- गुप्तचर, भेदिया, खुफिया।
जिंदगी- जिंदगानी, जीवन, हयात।
जिल्लत- अपमान, तिरस्कार, अनादर, तौहीन, बेइज्जती।
जिस्म- देह, बदन, शरीर, काया, वपु।
जीव- रूह, प्राण, आत्मा, जीवात्मा।
जीविका- रोजी-रोटी, रोजी, आजीविका, वृत्ति।
जुल- धोखा, फरेब, दगा, छल।
जुलाहा- बुनकर, कोली, कोरी।
जोहड़- तालाब, तलैया, तड़ाग, सरोवर, जलाशय।
ज्ञानी- विद्वान, सुविज्ञ, आलिम, विवेकी, ज्ञानवान।
ज्योत्स्ना- चाँदनी, चंद्रप्रभा, कौमुदी, जुन्हाई।

( झ )

झरना- उत्स, स्रोत, प्रपात, निर्झर, प्रस्त्रवण।
झण्डा- ध्वजा, पताका, केतु।
झंझा- अंधड़, आँधी, बवंडर, झंझावत, तूफान।
झाँसा- दगा, धोखा, फरेब, ठगी।
झींगुर- घुरघुरा, झिल्ली, जंजीरा, झिल्लिका।
झूठ- असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत।

( ट )

टक्कर- मुठभेड़, लड़ाई, मुकाबला।
टहलुआ- नौकर, सेवक, खिदमतगार।
टाँग- पाँव, पैर, टंक।
टीका- तिलक, चिह्न, दाग, धब्बा।
टोना- टोटका, जादू, यंत्रमंत्र, लटका।
टंटा- झगड़ा, लफ़ड़ा, पचड़ा, झंझट।
टसुआ- अश्क, अश्रु, आँसू।
टहनी- डाल, डाली, वृंत, उपशाखा, प्रशाखा।
टहल- सेवा, परिचर्या, खिदमत, सुश्रूषा।
टेर- बुलावा- गुहार, पुकार, आह्वान।

( ठ )

ठंड- ठंड, शीत, सर्दी।
ठग- छली, छलिया, फ़रेबी, वंचक, धूर्त, धोखेबाज।
ठाँव- स्थान, जगह, ठिकाना।
ठिंगना- बौना, वामन, नाटा।
ठीक- उपयुक्त, उचित, मुनासिब।
ठेठ- निपट, निरा, बिल्कुल।
ठटरी- कंकाल, पंजर, अस्थिपंजर, ठठरी।
ठठोली- मजाक, परिहास, ठट्ठा, ठिठोली, दिल्लगी।
ठन-ठन गोपाल- निर्धन, गरीब, दरिद्र, अकिंचन।
ठहाका- कहकहा, अट्टहास, खिलखिलाना।
ठाकुरद्वारा- मंदिर, देवालय, शिवाला, देवस्थान।
ठाली- बेरोजगार, ठलुआ, बेकार।
ठिल्ली- गगरी, गागर, घड़ा, मटकी।
ठुड्डी- ठुड्डी, हनु, चिबुक, ठोड़ी।
ठेस- चोट, आघात, धक्का।

( ड )

डंडा- सोंटा, छड़ी, लाठी।
डाली- भेंट, उपहार।
डंका- नगाड़ा, भेरी, दुंदभि, धौंसा।
डंस- मच्छर, मस, डाँस, मच्छड़।
डगर- राह, रास्ता, पथ, मार्ग, पंथ।
डर- खौफ, भय, दहशत, भीति।
डाकू- दस्यु, लुटेरा, डकैत, बटमार, राहजन।
डाल- डाली, टहनी, वृंत, शाखा।
डाह- द्वेष, ईर्ष्या, जलन, कुढ़न।
डोली- पालकी, डोला, मियाना।

( ढ )

ढब- ढंग, रीति, तरीका, ढर्रा।
ढाँचा- पंजर, ठठरी।
ढील- शिथिलता, सुस्ती, अतत्परता।
ढूँढ- खोज, तलाश।
ढँग- शऊर, सलीका, कायदा, तौरतरीका।
ढिंढोरा- मुनादी, ढँढोरा, डुगडुगी, डौंड़ी।
ढिग- समीप, निकट, पास, आसन्न।
ढिबरी- दीया, चिराग, डिबिया, लैंप।
ढीठ- धृष्ट, उद्दंड, दुस्साहसी।
ढोंग- पाखंड, प्रपंच, आडम्बर, ढोंगबाजी।
ढोल- ढोलकी, ढोलक, पटह, प्रणव।
ढोर- चौपाया, मवेशी।

(त )

तालाब- सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, ह्रद, पद्याकर , पोखरा, जलवान, सरसी, तड़ाग।
तोता- सुग्गा, शुक, सुआ, कीर, रक्ततुण्ड, दाड़िमप्रिय।
तरुवर- वृक्ष, पेड़, द्रुम, तरु, विटप, रूंख, पादप।
तलवार- असि, कृपाण, करवाल, खड्ग, शमशीर चन्द्रहास।
तरकस- तूण, तूणीर, त्रोण, निषंग, इषुधी।
तामरस- कमल, पंकज, सरसिज, नीरज, पुण्डरीक, इन्दीवर।
तिमिर- तम, अंधकार, अंधेरा, तमिस्त्रा।
तंगदस्त- तंगहाल, गरीब, फटेहाल, निर्धन।
तंज- कटाक्ष, ताना, व्यंग्य, फबती, छींटाकशी।
तंदुल- धान, चावल, अक्षत, चाउर।
तकदीर- किस्मत, मुकद्दर, नसीब, भाग्य, प्रारब्ध।
तट- कगार, किनारा, कूल, तीर, साहिल।
तटिनी- नदी, सरिता, दरिया, सलिला, तरंगिणी।
तड़ाग- जलाशय, सरोवर, तालाब, पोखर।
तड़ित- विद्युत, बिजली, दामिनी, सौदामिनी, गाज।
तथागत- बुद्ध, सिद्धार्थ, बोधिसत्व, गौतम।
तदबीर- तरकीब, उपाय, युक्ति।
तन- काया, देह, शरीर, बदन, तनु।
तपस्वी- तापस, मुनि, संन्यासी, तपसी, बैरागी।
तपेदिक- टी.बी., दिक, यक्ष्मा, राजयक्ष्मा।
तबाह- ध्वस्त, नष्ट, बरबाद।
तम- अँधेरा, अंधकार, तिमिर, अँधियारा।
तमा- रजनी, रात, निशा, रात्रि।
तमारि- सूरज, सूर्य, दिवाकर, दिनकर, आदित्य, भानु, भास्कर।
तरनी- नौका, नाव, किश्ती, नैया।
तरुण- युवक, युवा, जवान, नौजवान।
तरुणाई- युवावस्था, यौवन, जवानी, जोबन।
तहजीब- संस्कृति, सभ्यता, तमद्दुन।
तिजारत- व्यवसाय, व्यापार, सौदागरी।
तिरिया- स्त्री, औरत, महिला, ललना।
तीमारदारी- सेवाटहल, परिचर्या, सेवासुश्रूषा।
तुरंग- घोड़ा, अश्व, हय, घोटक, तुरग।
तुला- तराजू, काँटा, धर्मकाँटा।
त्वचा- चर्म, चमड़ा, चमड़ी, खाल।
तीर- शर, बाण, विशिख, शिलीमुख, अनी, सायक।

( थ )

थोड़ा- अल्प, न्यून, जरा, कम।
थाती- जमापूँजी, धरोहर, अमानत।
थाक- ढेर, समूह।
थप्पड़- तमाचा, झापड़।
थकान- थकावट, श्रांति, क्लांति।
थल- स्थान, स्थल, भूमि, जगह।
थवई- राज, राजगीर, मिस्त्री, राजमिस्त्री।
थोथा- सारहीन, खोखला, खाली।
थोबड़ा- मुखड़ा, मुँह, थूथन।
थंभ- खंभ, खंभा, स्तम्भ।

( द )

दूध- दुग्ध, दोहज, पीयूष, क्षीर, पय, गौरस, स्तन्य।
दास- नौकर, चाकर, सेवक, परिचारक, अनुचर, भृत्य, किंकर।
दुःख- पीड़ा, कष्ट, व्यथा, वेदना, संताप, संकट, क्लेश, यातना, यन्तणा, शोक, खेद, पीर,।
देवता- सुर, देव, अमर, वसु, आदित्य, निर्जर, त्रिदश, गीर्वाण, अदितिनंदन, अमर्त्य, अस्वप्न, आदितेय, दैवत, लेख, अजर, विबुध।
द्रव्य- धन, वित्त, सम्पदा, विभूति, दौलत, सम्पत्ति।
दैत्य- असुर, इंद्रारि, दनुज, दानव, दितिसुत, दैतेय, राक्षस।
दधि- दही, गोरस, मट्ठा, तक्र।
दरिद्र- निर्धन, ग़रीब, रंक, कंगाल, दीन।
दिन- दिवस, याम, दिवा, वार, प्रमान, वासर, अह्न।
दीन- ग़रीब, दरिद्र, रंक, अकिंचन, निर्धन, कंगाल।
दीपक- दीप, दीया, प्रदीप।
दुष्ट- पापी, नीच, दुर्जन, अधम, खल, पामर।
दाँत- दशन, रदन, रद, द्विज, दन्त, मुखखुर।
दर्पण- शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।
दुर्गा- चंडिका, भवानी, कुमारी, कल्याणी, सिंहवाहिनी, कामाक्षी, सुभद्रा, महागौरी, कालिका, शिवा, चण्डी, चामुण्डा।
दया- अनुकंपा, अनुग्रह, करुणा, कृपा, प्रसाद, संवेदना, सहानुभूति, सांत्वना।
देव-अमर, देवता, सुर, निर्जर, वृन्दारक, आदित्य।
दंगल- कुश्ती, मल्लयुद्ध, पहलवानी, बाहुयुद्ध।
दक्ष- निपुण, प्रवीण, चतुर, कुशल, होशियार।
दनुज- असुर, दानव, दैत्य, राक्षस, निशाचर।
दम- ताकत, बल, शक्ति, दमखम।
दर- भाव, मूल्य, रेट, कीमत।
दरख्त- वृक्ष, तरु, पेड़, विटप, द्रुम।
दरियादिल- उदार, दानी, दानशील, फ़राख़दिल।
दरीचा- खिड़की, गवाक्ष, झरोखा।
दशकंधर- दशानन, लंकापति, दशकंठ, रावण।
दशरथ- अवधेश, कौशलपति, दशस्यंदन, रावण।
दस्तूर- रीति-रिवाज, प्रथा, परंपरा, चलन।
दादा- पितामह, बाबा, आजा।
दादुर- मेंढक, मंडूक, भेक।
दारा- बीवी, पत्नी, अर्धांगिनी, वामांगिनी, गृहणी।
दिनकर- सूरज, सूर्य, भानु, भास्कर, दिवाकर, रवि, दिवेश, दिनेश।
दिवंगत- स्वर्गीय, मृत, मरहूम, परलोकवासी।
दीदा- नेत्र, नयन, आँख, चक्षु।
दुनिया- जग, जगत, खलक, जहान, विश्व, संसार, भव।
दुर्गुण- अवगुण, ऐब, बुराई, खामी।
दुर्जन- दुष्ट, खल, शठ, असज्जन।
दुर्भिक्ष- अकाल, दुकाल, दुष्काल, सूखा।
दुर्लभ- अलभ्य, दुष्प्राप्य, अप्राप्य।
दुविधा- कशमकश, पशोपेश, असमंजस, अनिश्चय।
दुश्मन- रिपु, वैरी, अरि, शत्रु, बैरी।
दुष्कर- कठिन, दुसाध्य, दूभर, मुश्किल।
देश- राष्ट्र, राज्य, मुल्क।
देशज- देशजात, देशीय, देशी, मुल्की, वतनी।
देशाटन- यात्रा, विहार, पर्यटन, देशभ्रमण।
देहाती- ग्रामवासी, ग्रामीण, ग्राम्य।
द्राक्षा- अंगूर, दाख, रसा, रसाला।
द्वेषी- विद्वेषी, ईर्ष्यालु, विरोधी।
द्वैत- जोड़ा, युगल, द्वय, यमल, युग, युति।
द्वैपायन- वेदव्यास, व्यास, पाराशर, कृष्ण।
देह- काया, तन, शरीर, वपु, गात।