Paryayvachi Shabd (Synonyms Words)(पर्यायवाची शब्द)


पर्यायवाची शब्द (Synonyms Words)की परिभाषा

'पर्याय' का अर्थ है- 'समान' तथा 'वाची' का अर्थ है- 'बोले जाने वाले' अर्थात जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें 'पर्यायवाची शब्द' कहते हैं।
इसे हम ऐसे भी कह सकते है- जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें 'पर्यायवाची शब्द' कहते है।

दूसरे अर्थ में- समान अर्थवाले शब्दों को 'पर्यायवाची शब्द' या समानार्थक भी कहते है।
जैसे- सूर्य, दिनकर, दिवाकर, रवि, भास्कर, भानु, दिनेश- इन सभी शब्दों का अर्थ है 'सूरज' ।
इस प्रकार ये सभी शब्द 'सूरज' के पर्यायवाची शब्द कहलायेंगे।

पर्यायवाची शब्द को 'प्रतिशब्द' भी कहते है। अर्थ की दृष्टि से शब्दों के अनेक रूप है; जैसे- पर्यायवाची शब्द, युग्म शब्द, एकार्थक शब्द, विपरीतार्थक शब्द, समोच्चरितप्राय शब्द इत्यादि।
किसी भी समृद्ध भाषा में पर्यायवाची शब्दों की अधिकता रहती है। जो भाषा जितनी ही सम्पत्र होगी, उसमें पर्यायवाची शब्दों की संख्या उतनी ही अधिक होगी। संस्कृत में इनकी अधिकता है। हिन्दी के पर्यायवाची शब्द संस्कृत के तत्सम शब्द है, जिन्हें हिन्दी भाषा ने ज्यों-का-त्यों ग्रहण कर लिया है।

यहाँ एक बात ध्यान रखने की यह है कि इन शब्दों में अर्थ की समानता होते हुए भी इनके प्रयोग एक तरह के नहीं हैं। ये शब्द अपने में इतने पूर्ण हैं कि एक ही शब्द का प्रयोग सभी स्थितियों में और सभी स्थलों पर अच्छा नहीं लगता- कहीं कोई शब्द ठीक बैठता है और कहीं कोई। प्रत्येक शब्द की महत्ता विषय और स्थान के अनुसार होती है।

कुछ विशिष्ठ पर्यायवाची शब्द नीचे दी जा रही है-

( अ )

अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
अमृत- सुरभोग सुधा, सोम, पीयूष, अमिय, जीवनोदक ।
अग्नि- आग, ज्वाला, दहन, धनंजय, वैश्वानर, रोहिताश्व, वायुसखा, विभावसु, हुताशन, धूमकेतु, अनल, पावक, वहनि, कृशानु, वह्नि, शिखी।
अनुपम- अपूर्व, अतुल, अनोखा, अनूठा, अद्वितीय, अदभुत, अनन्य।
अर्थ- हय, तुरङ, वाजि, घोडा, घोटक।
असुर-यातुधान, निशिचर, रजनीचर, दनुज, दैत्य, तमचर, राक्षस, निशाचर, दानव, रात्रिचर।
अलंकार- आभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर।
अहंकार- दंभ, गर्व, अभिमान, दर्प, मद, घमंड, मान।
अतिथि- मेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहूना।
अर्थ- धन्, द्रव्य, मुद्रा, दौलत, वित्त, पैसा।
अश्व- हय, तुरंग, घोड़ा, घोटक, हरि, तुरग, वाजि, सैन्धव।
अंधकार- तम, तिमिर, तमिस्र, अँधेरा, तमस, अंधियारा।
अंग- अंश, अवयव, हिस्सा, भाग।
अभिमान- अस्मिता, अहं, अहंकार, अहंभाव, अहम्मन्यता, आत्मश्लाघा, गर्व, घमंड, दर्प, दंभ, मद, मान, मिथ्याभिमान।
अरण्य- जंगल, वन, कानन, अटवी, कान्तार, विपिन।
अनी- कटक, दल, सेना, फौज, चमू, अनीकिनी।
अनादर- अपमान, अवज्ञा, अवहेलना, अवमानना, परिभव, तिरस्कार।
अंकुश- नियंत्रण, पाबंदी, रोक, दबाव।
अंजाम- नतीजा, परिणाम, फल।
अंत- समाप्ति, अवसान, इति, इतिश्री, समापन।
अंतर- भिन्नता, असमानता, भेद, फर्क।
अंतरिक्ष- खगोल, नभमंडल, गगनमंडल, आकाशमंडल।
अंतर्धान- गायब, लुप्त, ओझल, अदृश्य।
अंदर- भीतर, आंतरिक, अंदरूनी, अभ्यंतर।
अंदाज- अंदाजा, अटकल, कयास, अनुमान।
अंधा- सूरदास, आँधरा, नेत्रहीन, दृष्टिहीन।
अंबर- आकाश, आसमान, गगन, फलक, नभ।
अंबु- जल, पानी, नीर, क्षीर, सलिल, वारि।
अंबुज- कमल, पंकज, नीरज, वारिज, जलज, सरोज, पदम।
अंबुद- मेघ, बादल, घन, घनश्याम, अंबुधर, घटा।
अंबुनिधि- समुंदर, सागर, सिंधु, जलधि, उदधि, जलेश।
अंशु- रश्मि, किरन, किरण, मयूख, मरीचि।
अंशुमान- सूरज, सूर्य, रवि, दिनकर, दिवाकर, प्रभाकर, भास्कर।
अकड़बाज- ऐंठू, गर्वीला, घमंडी, अकड़ूखाँ, अहंकारी।
अकिंचन- गरीब, निर्धन, दीनहीन, दरिद्र।
अकृतज्ञ- अहसान- फ़रामोश, बेवफा, नमकहराम।
अक्ल- प्रज्ञा, मेधा, मति, बुद्धि, विवेक।
अखिलेश्वर- ईश्वर, परमात्मा, परमेश्वर, भगवान, खुदा।
अगम- दुष्कर, कठिन, दुःसाध्य, अगम्य।
अच्छा- बढ़िया, बेहतर, भला, चोखा, उत्तम।
अजनबी- अनजान, अपरिचित, नावाकिफ।
अजीब- अदभुत, अनोखा, विचित्र, विलक्षण।
अटल- अविचल, अडिग, स्थिर, अचल।
अड़ंगा- बाधा, रुकावट, विघ्न, व्यवधान।
अतीत- भूतकाल, विगत, गत, भूत।
अत्याचारी- जालिम, आततायी, नृशंस, बर्बर।
अदालत- कचहरी, न्यायालय, दंडालय।
अधीन- मातहत, आश्रित, पराश्रित, परवश, परतंत्र।
अधीर- आतुर, धैर्यहीन, व्यग्र, बेकरार, उतावला।
अध्ययन- पठन-पाठन, पढ़ना, पढ़ाई, पठन।
अनपढ़- निरक्षर, अशिक्षित, अपढ़।
अनमोल- अमूल्य, बहुमूल्य, बेशकीमती।
अनाज- अन्न, गल्ला, नाज, खाद्यान्न।
अनाड़ी- अकुशल, अनभिज्ञ, अपटु।
अनाथ- तीम, लावारिस, बेसहारा, अनाश्रित।
अनिवार्य- अत्यावश्यक, अपरिहार्य, अवश्यंभावी, परमावश्यक।
अनुज- छोटा भाई, अनुभ्राता, अवरज, कनिष्ठ।
अनुभवी- तजुर्बेकार, जानकार, अनुभवप्राप्त।
अनुमति- इजाजत, सहमति, स्वीकृति, अनुमोदन।
अनुरोध- विनय, विनती, आग्रह, प्रार्थना।
अनूठा- अदभुत, अनोखा, विलक्षण, अपूर्व।
अन्न- अनाज, गल्ला, नाज, दाना।
अपराधी- गुनहगार, कसूरवार, मुलजिम।
अपवित्र- अशुद्ध, नापाक, अस्वच्छ, दूषित।
अफवाह- गप्प, किंवदंती, जनश्रुति, जनप्रवाद।
अभद्र- असभ्य, अविनीत, अकुलीन, अशिष्ट।
अभिनंदन- स्वागत, सत्कार, आवभगत, अभिवादन।
अमन- शांति, सुकून, सुख-चैन, अमन-चैन।
अमर- चिरंजीवी, अनश्वर, अजर-अमर।
अमीर- धनी, मालदार, रईस, दौलतमंद, धनवान।
अर्चना- आराधना, पूजा, पूजन, अर्चन।
अलि- भौंरा, मधुकर, भ्रमर, भृंग, मिलिंद, मधुप, अलिंद।
असत्य- झूठ, मिथ्या, मृषा, असत।
असभ्य- गँवार, असंस्कृत, उजड्ड।
अहि- साँप, नाग, फणी, फणधर, सर्प।

( आ )

आँख- लोचन, अक्षि, नैन, अम्बक, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि।
आकाश- नभ, गगन, द्यौ, तारापथ, पुष्कर, अभ्र, अम्बर, व्योम, अनन्त, आसमान, अंतरिक्ष, शून्य, अर्श।
आनंद- हर्ष, सुख, आमोद, मोद, प्रसन्नता, आह्राद, प्रमोद, उल्लास।
आश्रम- कुटी, स्तर, विहार, मठ, संघ, अखाड़ा ।
आम- रसाल, आम्र, अतिसौरभ, मादक, अमृतफल, चूत, सहकार, च्युत (आम का पेड़), सहुकार।
आंसू- नेत्रजल, नयनजल, चक्षुजल, अश्रु।
आत्मा- जीव, देव, चैतन्य, चेतनतत्तव, अंतःकरण।
आँगन- अँगना, अजिरा, प्राङ्गण।
आँधी- तूफान, बवंडर, झंझावत, अंधड़।
आईना- दर्पण, आरसी, शीशा।
आकाश- आसमान, नभ, गगन, व्योम, फलक।
आक्रोश- क्रोध, रोष, कोप, रिष, खीझ।
आखेटक- शिकारी, बहेलिया, अहेरी, लुब्धक, व्याध।
आगंतुक- मेहमान, अतिथि, अभ्यागत।
आग- पावक, अनल, अग्नि, बाड़व, वहि।
आचरण- चाल-चलन, बर्ताव, व्यवहार, चरित्र।
आचार्य- शिक्षक, अध्यापक, प्राध्यापक, गुरु।
आजादी- स्वाधीनता, स्वतंत्रता, मुक्ति।
आजीविका- व्यवसाय, रोजी-रोटी, वृत्ति, धंधा।
आज्ञा- हुक्म, फरमान, आदेश।
आतिथ्य- मेहमानदारी, मेजबानी, मेहमाननवाजी, खातिरदारी।
आत्मा- रूह, जीवात्मा, जीव, अंतरात्मा।
आदत- स्वभाव, प्रकृति, प्रवृत्ति।
आदमी- मानव, मनुष्य, मनुज, मानुष, इंसान।
आनन- चेहरा, मुखड़ा, मुँह, मुखमंडल, मुख।
आबंटन- विभाजन, वितरण, बाँट, वंटन।
आबरू- सम्मान, प्रतिष्ठा, इज्जत।
आयु- उम्र,वय, जीवनकाल।
आयुष्मान- दीर्घायु, दीर्घजीवी, चिरंजीवी, चिरायु।
आरंभ- श्रीगणेश, शुभारंभ, प्रारंभ, शुरुआत, समारंभ।
आरसी- दर्पण, आईना, मुकुर, शीशा।
आवास- निवास-स्थान, घर, निलय, निकेत, निवास।
आवेदन- प्रार्थना, याचना, निवेदन।
आशीर्वाद- शुभकामना, आशीष, आशिष, दुआ।

( इ )

इन्द्र- सुरेश, अमरपति, वज्रधर, वज्री, शचीश, वासव, वृषा, सुरेन्द्र, देवेन्द्र, सुरपति, शक्र, पुरंदर, देवराज, महेन्द्र, मधवा, शचीपति, मेघवाहन, पुरुहूत, यासव।
इन्द्राणि- इन्द्रवधू, मधवानी, शची, शतावरी, पोलोमी।
इच्छा- अभिलाषा, अभिप्राय, चाह, कामना, ईप्सा, स्पृहा, ईहा, वांछा, लिप्सा, लालसा, मनोरथ, आकांक्षा, अभीष्ट।
इंतकाल- देहांत, निधन, मृत्यु, अंतकाल।
इंदु- चाँद, चंद्रमा, चंदा, शशि, राकेश, मयंक, महताब।
इंसान- मनुष्य, आदमी, मानव, मानुष।
इंसाफ- न्याय, फैसला, अद्ल।
इजाजत- स्वीकृति, मंजूरी, अनुमति।
इज्जत- मान, प्रतिष्ठा, आदर, आबरू।
इनाम- पुरस्कार, पारितोषिक, बख्शीश।
इलजाम- आरोप, लांछन, दोषारोपण, अभियोग।

( ई )

ईश्वर- परमपिता, परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, जगदीश्वर, विधाता।
ईख- गन्ना, ऊख, इक्षु।
ईप्सा- इच्छा, ख्वाहिश, कामना, अभिलाषा।
ईमानदारी- सच्चा, सत्यपरायण, नेकनीयत, सत्यनिष्ठ।
ईर्ष्या- विद्वेष, जलन, कुढ़न, ढाह।
ईसा- यीशु, ईसामसीह, मसीहा।
ईहा- मनोकामना, अभिलाषा, इच्छा, आकांक्षा, कामना।

( उ )

उपवन- बाग़, बगीचा, उद्यान, वाटिका, गुलशन।
उक्ति- कथन, वचन, सूक्ति।
उग्र- प्रचण्ड, उत्कट, तेज, महादेव, तीव्र, विकट।
उचित- ठीक, मुनासिब, वाज़िब, समुचित, युक्तिसंगत, न्यायसंगत, तर्कसंगत, योग्य।
उच्छृंखल- उद्दंड, अक्खड़, आवारा, अंडबंड, निरकुंश, मनमर्जी, स्वेच्छाचारी।
उजड्ड- अशिष्ट, असभ्य, गँवार, जंगली, देहाती, उद्दंड, निरकुंश।
उजला- उज्ज्वल, श्वेत, सफ़ेद, धवल।
उजाड- जंगल, बियावान, वन।
उजाला- प्रकाश, रोशनी, चाँदनी।
उत्कष- समृद्धि, उन्नति, प्रगति, प्रशंसा, बढ़ती, उठान।
उत्कृष्ट- उत्तम, उन्नत, श्रेष्ठ, अच्छा, बढ़िया, उम्दा।
उत्कोच- घूस, रिश्वत।
उत्पति- उद्गम, पैदाइश, जन्म, उद्भव, सृष्टि, आविर्भाव, उदय।
उद्धार- मुक्ति, छुटकारा, निस्तार, रिहाई।
उपाय- युक्ति, साधन, तरकीब, तदबीर, यत्न, प्रयत्न।
उज्र- ऐतराज, विरोध, आपत्ति।
उत्थान- उत्कर्ष, प्रगति, उन्नयन।
उत्साह- उमंग, जोश, उछाह।
उदार- फ़राख़दिल, क्षीरनिधि, दरियादिल, दानशील, दानी।
उदाहरण- मिसाल, नजीर, दृष्टांत।
उद्दंड- ढीठ, अशिष्ट, बेअदब, गुस्ताख़।
उद्देश्य- लक्ष्य, प्रयोजन, मकसद।
उद्यान- बगीचा, बाग, वाटिका, उपवन।
उन्नति- प्रगति, तरक्की, विकास, उत्कर्ष।
उपकार- भेंट, नजराना, तोहफा।
उपहास- परिहास, मजाक, खिल्ली।
उपानह- खड़ाऊँ, पनही, पादुका, पदत्राण।
उमा- गौरी, गौरा, गिरिजा, पार्वती, शिवा, शैलजा, अपर्णा।
उम्मीद- आशा, आस, भरोसा।
उर- हृदय, दिल, वक्षस्थल।
उरग- सर्प, साँप, नाग, फणी, फणधर, मणिधर, भुजंग।
उलूक- उल्लू, चुगद, खूसट, कौशिक, घुग्घू।
उषा- सुबह, भोर, भिनसार, अलस्सुबह, ब्रह्ममुहूर्त।
उष्णीष- मुंड़ासा, पगड़ी, साफा, पाग, मुरेठा।

( ऊ )

ऊँचा- तुंग, उच्च, बुलंद, गगनस्पर्शी।
ऊँट- करभ, उष्ट्र, लंबोष्ठ, साँड़िया।
ऊखल- ओखली, उलूखल, कूँडी।
ऊसर- अनुपजाऊ, बंजर, अनुर्वर, वंध्य।
ऊधम- उपद्रव, उत्पात, धूम, हुल्लड़, हुड़दंग, धमाचौकड़ी।

( ऋ )

ऋक्ष- भालू, रीछ, भीलूक, भल्लाट, भल्लूक।
ऋक्षेश- चंद्रमा, चंदा, चाँद, शशि, राकेश, कलाधर, निशानाथ।
ऋण- कर्ज, कर्जा, उधार, उधारी।
ऋतुराज- बहार, मधुमास, वसंत, ऋतुपति, मधुऋतु।
ऋषभ- वृष, वृषभ, बैल, पुंगव, बलीवर्द, गोनाथ।
ऋषि- साधु, महात्मा, मुनि, योगी, तपस्वी।
ऋष्यकेतु- कामदेव, मकरकेतु, मकरध्वज, मदन, मनोज, मन्मथ।

( ए )

एकतंत्र- राजतंत्र, एकछत्र, तानाशाही, अधिनायकतंत्र।
एकदंत- गणेश, गजानन, विनायक, लंबोदर, विघ्नेश, वक्रतुंड।
एतबार- विश्वास, यकीन, भरोसा।
एषणा- इच्छा, आकांक्षा, कामना, अभिलाषा, हसरत।
एहसान- कृपा, अनुग्रह, उपकार।

( ऐ )

ऐंठ- कड़, दंभ, हेकड़ी, ठसक।
ऐब- खामी, खराबी, कमी, अवगुण।
ऐयार- धूर्त, मक्कार, चालाक।
ऐहिक- सांसारिक, लौकिक, दुनियावी।
ऐक्य- एकत्व, एका, एकता, मेल।
ऐश्वर्य- समृद्धि, विभूति।

( ओ )

ओज- तेज, शक्ति, बल, चमक, कांति, दीप्ति, वीर्य।
ओंठ- ओष्ठ, अधर, लब, होठ।
ओला- हिमगुलिका, उपल, करका, हिमोपल।
ओस- नीहार, तुहिन, शबनम।
ओहार- आवरण, परदा, आच्छादन।

( औ )

औचक- अचानक, यकायक, सहसा।
औरत- स्त्री, जोरू, घरनी, महिला, मानवी, तिरिया, नारी, वनिता, घरवाली।
औचित्य- उपयुक्तता, तर्कसंगति, तर्कसंगतता।
औलाद- संतान, संतति, आसऔलाद, बाल-बच्चे।
औषधालय- चिकित्सालय, दवाखाना, अस्पताल।

( क )

कमल- नलिन, अरविन्द, उत्पल, अम्भोज, तामरस, पुष्कर, महोत्पल, वनज, कंज, सरसिज, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, जलजात, शतदल, पुण्डरीक, इन्दीवर।
किरण- गभस्ति, रश्मि, अंशु, अर्चि, गो, कर, मयूख, मरीचि, ज्योति, प्रभा।
कामदेव- मदन, मनोज, अनंग, आत्मभू, कंदर्प, दर्पक, पंचशर, मनसिज, काम, रतिपति, पुष्पधन्वा, मन्मथ।
कपड़ा- मयुख, वस्त्र, चीर, वसन, पट, अंशु, कर, अम्बर, परिधान।
कुबेर- कित्ररेश, यक्षराज, धनद, धनाधिप, राजराज।
किस्मत- होनी, विधि, नियति, भाग्य।
कच- बाल, केश, कुन्तल, चिकुर, अलक, रोम, शिरोरूह।
कबूतर- कपोत, रक्तलोचन, पारावत, कलरव, हारिल।
कण्ठ- ग्रीवा, गर्दन, गला, शिरोधरा।
कृपा- प्रसाद, करुणा, अनुकम्पा, दया, अनुग्रह।
किताब- पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।
किनारा- तीर, कूल, कगार, तट।
किसान- कृषक, भूमिपुत्र, हलधर, खेतिहर, अन्नदाता।
कृष्ण- राधापति, घनश्याम, वासुदेव, माधव, मोहन, केशव, गोविन्द, मुरारी, नन्दनन्दन, राधारमण, दामोदर, ब्रजवल्लभ, गोपीनाथ, मुरलीधर, द्वारिकाधीश, यदुनन्दन, कंसारि, रणछोड़, बंशीधर, गिरधारी।
कान- कर्ण, श्रुति, श्रुतिपटल, श्रवण, श्रोत, श्रुतिपुट।
कोयल- कोकिला, पिक, काकपाली, बसंतदूत, सारिका, कुहुकिनी, वनप्रिया।
क्रोध- रोष, कोप, अमर्ष, गुस्सा, आक्रोश, कोह, प्रतिघात।
कार्तिकेय- कुमार, षडानन, शरभव, स्कन्द।
कुत्ता- श्वा, श्रवान, कुक्कुर। शुनक, सरमेव।
कल्पद्रुम- देवद्रुम, कल्पवृक्ष, पारिजात, मन्दार, हरिचन्दन।
काक- कौआ, वायस, काग, करठ, पिशुन।
कंगाल- निर्धन, गरीब, रंक, धनहीन।
कंचन- स्वर्ण, सोना, कनक, कुंदन, हिरण्य।
कंजूस- कृपण, सूम, मक्खीचूस।
कंटक- काँटा, खार, सूल।
कंदरा- गुफा, खोह, विवर, गुहा।
कछुआ- कच्छप, कमठ, कूर्म।
कटक- फौज, सेना, पलटन, लश्कर, चतुरंगिणी।
कद्र- मान, सम्मान, इज्जत, प्रतिष्ठा।
कमजोर- निर्बल, बलहीन, दुर्बल, मरियल, शक्तिहीन।
कमला- लक्ष्मी, महालक्ष्मी, श्री, हरप्रिया।
कर्ज- उधार, ऋण, कर्जा, उधारी, कुसीद।
कलानाथ- चंद्रमा, कलाधर, सुधाकर, सोम, सुधांशु, हिमांशु, तारापति।
कल्याण- भलाई, परहित, उपकार, भला।
कष्ट- तकलीफ, पीड़ा, वेदना, दुःख।
काग- कौआ, कागा, काक, वायस।
कातिल- खूनी, हत्यारा, घातक।
कामधेनु- सुरभि, सुरसुरभि, सुरधेनु।
कायर- कापुरुष, डरपोक, बुजदिल।
काल- समय, वक्त, वेला।
कालकूट- जहर, विष, गरल, हलाहल।
काला- श्याम, कृष्ण, कलूटा, साँवला, स्याह।
किनारा- तट, तीर, कगार, कूल, साहिल।
किरण- किरन, अंशु, रश्मि, मयूख।
किरीट- ताज, मुकुट, शिरोभूषण।
किश्ती- कश्ती, नाव, नौका, नैया।
कीर- तोता, सुग्गा, सुआ, शुक।
कुंभ- घड़ा, गागर, घट, कलश।
कुसुम- पुष्प, फूल, प्रसून, पुहुप।
कृश- दुबला, क्षीणकाय, कमजोर, दुर्बल, कृशकाय।
कृषि- किसानी, खेतीबाड़ी, काश्तकारी।
केतन- ध्वज, झंडा, पताका, परचम।
केवट- मल्लाह, माँझी, खेवैया, नाविक।
केसरी- शेर, सिंह, नाहर, वनराज, मृगराज, मृगेंद्र।
कोकिल- कोकिला, कोयल, पिक, श्यामा।
कोविद- विद्वान, पंडित, विशारद।
कुद्ध- नाराज, कुपित, क्रोधित, क्रोधी।
क्रूर- बेरहम, बेदर्द, बेदर्दी, बर्बर।
क्षिप्र- तीव्र, तेज, द्रुत, शीघ्र, तुरंत।
क्षीण- कमजोर, कृश, दुर्बल, अशक्त।
क्षीर- दूध, गोरस, दुग्ध।
कीर्ति- यश, ख्याति, प्रतिष्ठा, शोहरत, प्रसिद्धि।